कश!! अगर हुम बच्चे होते!!!

दुनिया भर के दुखोन से अन्जान,
न कोइ झन्झत, न होते परेशन,
रात जगते , दिन को सोते,
कश!! अगर हुम बच्चे होते!!!

चोक्लेत खाते , कभी खाते शक्कर,
ना frustration न gf क चक्कर,
मनाते सब, जब हुम झूथ मूथ के रोते,
कश!! अगर हुम बच्चे होते!!!

घूमते जैसे कोइ जोगि फक्कर,
अपनि मस्ति मैन लाल बुझक्कर,
रात दिन सपनो मैन खोते,
कश!! अगर हुम बच्चे होते!!!

अपने कदमोन मैन दुनिय होति,
क्य सोना और क्य हीरे मोति,
सुनहरि नदी मैन लगते गोते,
कश!! अगर हुम बच्चे होते!!!

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